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विवेक कुमार तिवारी, प्रबन्धक

महाविद्यालय के संस्थापक- प्रबंधक स्व० श्री इन्दीवर तिवारी जी के सपनों के अनरूप यह महाविद्यालय शिक्षा- सेवा के पथ पर सफलतापूर्वक अग्रसर है । वर्तमान समय में स्तरीय पठन-पाठन ,चुस्त अनुशासन व्यवस्था, उत्तम परीक्षाफल तथा बहुमुखी व्यक्तित्वं-विकास “सुभाष चन्द्र स्नातक महाविद्यालय, साबरपुर” की पहचान बन चुके है । प्रबंध तंत्र तथा महाविद्यालय परिवार से निरंतर प्राप्त होने वाला सहयोग मेरा संबल रहा है । मेरा पूरा प्रयास है कि महाविद्यालय की वर्तमान छवि में उत्तरोत्तर श्रीवृद्धि होती रहे ।

गोण्डा जनपद की में स्थित साबरपुर में इस महाविद्यालय की स्थापना समाजवादी चिन्तक “सुभाष चन्द्र तिवारी जी” की पुण्य स्मृति में उनके निष्ठावान अनुयायी स्व० श्री इन्दीवर तिवारी ने सन्‌ 2008 में की। महाविद्यालय की स्थापना का उद्‌देश्य इस पिछडे क्षेत्र के साधनहीन युवकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास एवं व्यक्त्वि विकास जैसे गुणों के संवर्धन से उन्हें सक्षम नागरिक बनाना है। इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा की समस्या का सम्यक्‌ समाधान उपस्थित कर स्व० तिवारी जी ने एक स्पृहणीय आदर्श स्थापित किया। स्व० तिवारी जी के सपनों के अनुरूप यह महाविद्यालय सम्प्रति, शिक्षण की गुणवत्ता, अनुशासन-प्रियता, परीक्षा की शुचिता, उत्तम परीक्षाफल, स्वस्थ सह-शिक्षा व्यवस्था एव विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता और व्यक्तित्व-विकास के लिए प्रसिद्ध है।

Courses:

B.A. (HINDI, ENGLISH, GEOGRAPHY, HOME SCIENCE, PHYSICAL EDUCATION, SOCIOLOGY, EDUCATION, ANCIENT HISTORY, POLITICAL SCIENCE)

B.Sc. (ZOOLOGY, BOTANY, CHEMISTRY, PHYSICS & MATHEMATICS)

महाविद्यालय के मार्गदर्शक

o डॉ० विनोद कुमार पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य, आचार्य नरेन्द्र देव किसान स्ना० महा०, बभनान, गोंडा जी द्वारा समय समय पर महाविद्यालय के कार्य पद्धति के बारे में एवं महाविद्यालय के विकास को लेकर निरन्तर मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है |

o डॉ० मणिकान्त दूबे, पूर्व प्राचार्य, लाल बहादुर शास्त्री स्ना० महा०, आनंदनगर, महाराजगंज |

o श्री रविन्द्र नाथ उपाध्याय, पूर्व विशेष सचिव गृह, उत्तर प्रदेश शासन |

o श्री रविन्द्र नाथ उपाध्याय, पूर्व विशेष सचिव गृह, उत्तर प्रदेश शासन |

o डॉ० एस० एन० उपाध्याय, पूर्व प्राचार्य, बाबा राघवदास स्ना० महा०, देवरिया |

o श्री विक्रम पाण्डेय, कंप्यूटर प्रोग्रामर, आचार्य नरेन्द्र देव किसान स्ना० महा०, बभनान, गोंडा |

दृढ इच्छा शक्ति ही सफलता का साधन है |